अश्विनी उपाध्याय )आजादी के वीर शहीदों को शत-शत नमन
भारतवर्ष को अंग्रेजों की गुलामी से 1947 में आजादी मिली। इस स्वतंत्रता को हासिल करने के लिए देश के असंख्य वीर सपूतों और क्रांतिकारियों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनके त्याग, संघर्ष और देशभक्ति की बदौलत आज हम आजाद भारत में खुली हवा में सांस ले रहे हैं।
आजादी के इन महान मतवालों को हम शत-शत नमन करते हैं, जिन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। हमारा भारत कभी अपनी समृद्धि और वैभव के कारण ‘सोने की चिड़िया’ कहलाता था और आज भी हमारी जिम्मेदारी है कि हम देश की एकता, अखंडता और विकास में अपना योगदान दें। एकता गैस एजेंसी के स्वामी मुकेश सैनी ने बताया कि
कि हमें अपने देश पर गर्व है। देश की आजादी के लिए हमारे वीर शहीदों ने अपना जीवन तक न्योछावर कर दिया। उन्हीं के बलिदान और संघर्ष की बदौलत आज हम स्वतंत्र हैं और सम्मान के साथ जीवन जी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमें स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग को हमेशा याद रखना चाहिए और देश की प्रगति, एकता व अखंडता के लिए पूरी निष्ठा के साथ अपना योगदान देना चाहिए।
आजादी के उन वीर सपूतों को शत-शत नमन, जिनके बलिदान से हमारा तिरंगा आज शान से लहरा रहा है।