रुड़की में “मानक मंथन”: उद्योगों ने BIS मानकों को अपनाने का लिया संकल्प
रुड़की, 29 अप्रैल 2026उद्योगों में गुणवत्ता संस्कृति को बढ़ावा देने तथा भारतीय मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS), देहरादून एवं इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA), रुड़की चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में आज होटल होमटेल, रुड़की में “मानक मंथन” उद्योग संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ BIS देहरादून के निदेशक श्री हेमंत बी. आडे, सहायक निदेशक श्री सौरभ चौरसिया, IIA के राष्ट्रीय PR हेड श्री अजय जैन, चैप्टर चेयरमैन श्री प्रवीण गर्ग, सेक्रेटरी श्री प्रेम सिंह, कोषाध्यक्ष श्री सुंदरम चौधरी एवं जॉइंट सेक्रेटरी श्री दीपमणि मिश्रा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर IIA पदाधिकारियों ने BIS अधिकारियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।BIS निदेशक ने कहा – संवाद से ही आएगी गुणवत्ता
अपने संबोधन में निदेशक श्री हेमंत बी. आडे ने कहा, “उद्योगों के साथ सतत संवाद ही गुणवत्ता संवर्धन की कुंजी है।” उन्होंने बताया कि 6 मई 1947 को स्थापित BIS ‘राष्ट्र की गुणवत्ता’ का प्रहरी है।सहायक निदेशक श्री सौरभ चौरसिया ने BIS प्रमाणन प्रक्रिया, भारतीय मानक (IS Standards), गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (QCO) एवं उत्पाद प्रमाणन पर विस्तृत जानकारी दी। फर्नीचर उद्योग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि QCO के तहत कई उत्पादों पर BIS प्रमाणन अनिवार्य है तथा बिना प्रमाणन के निर्माण या बिक्री दंडनीय अपराध है।BIS प्रमाणन के प्रमुख लाभ: उत्पाद की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता में वृद्धि उपभोक्ता विश्वास व ब्रांड वैल्यू में बढ़ोतरी घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त सरकारी निविदाओं में पात्रता एवं निर्यात को प्रोत्साहन उद्यमियों के सवाल, अधिकारियों के जवाब
प्रश्नोत्तर सत्र में उद्यमियों ने लाइसेंस प्रक्रिया, उत्पाद मानकों, टेस्टिंग लैब एवं आवश्यक दस्तावेजों से जुड़े व्यावहारिक प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों ने सरल भाषा में समाधान किया।IIA का विजन: गुणवत्ता से वैश्विक पहचान
IIA पदाधिकारियों ने कहा कि रुड़की के उद्योगों को BIS मानकों के अनुरूप विकसित करना आज की आवश्यकता है। संस्था का लक्ष्य उद्योगों को नवाचार एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाना है।सम्मान समारोह
कार्यक्रम के समापन पर BIS अधिकारियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर श्री अतुल शर्मा, श्री कुलदीप सिंह, श्री तरुण सुराना, श्री मंथन, श्री जितेश, श्री जुबैर, श्री मनीष, श्री अमित गाबा, श्री नीरज सिंह, श्री राजेश, श्री शहनाज़, श्री रवि, श्री संदीप, श्री एस.के. सेंगर सहित 100 से अधिक उद्यमी सदस्य उपस्थित रहे।सभी सदस्यों ने कार्यक्रम को अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताया तथा भविष्य में भी ऐसे उद्योग-हितैषी आयोजनों की निरंतरता की अपेक्षा व्यक्त की।
