रूड़की।ज्योतिष गुरुकुलम में आज शनि जयंती के पावन अवसर पर शनि देव का विशेष पूजन कर राष्ट्र और विश्व कल्याण के लिए यज्ञ किया गया,जिसमें 1008 आहुतियां शनि मंत्र के द्वारा दी गई।शनि भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया तथा 1008 पुष्प अर्चना की गई।इस अवसर पर सैकड़ो भक्तजनों ने भाग लेकर भगवान शनि का तेल से अभिषेक किया।सात प्रकार के अनाजों का भोग लगाया गया।आध्यात्मिक गुरु ज्योतिषाचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज ने कहा कि शनि देव कर्म फल दाता हैं तथा कर्मों का फल देते हैं।ग्रहण में न्यायाधीश का पद भगवान शनिदेव को प्राप्त है।मनुष्य के शुभ-अशुभ कर्मों का फल देने वाले एकमात्र ग्रह शनिदेव हैं।शनि देव भगवान सूर्य और छाया के पुत्र हैं।शनिदेव राजा से रंक बना देते हैं।शनि देव मेहनत से प्रसन्न होते हैं।अच्छे कर्मों और माता-पिता की सेवा से प्रसन्न होते हैं।स्त्री जाति के सम्मान,गौ सेवा,गंगा स्नान,दान करने,गरीबों की सेवा,सफाई कर्मचारियों की सेवा से भी प्रसन्न होते हैं।आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज ने कहा कि हमें गरीब लोगों का भी सम्मान करना चाहिए।गरीबों को दान करना चाहिए।कलयुग में न्याय के देवता शनिदेव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।व्यक्ति के जीवन में संकट दूर होते हैं।इस दौरान शनि जयंती के पावन पर विशेष प्रसाद वितरण किया गया।उन्होंने कहा कि तेरह वर्षों बाद शनिवार के दिन शनि जयंती का पवन पर बट सावित्री व्रत अमावस पितृ पूजा का विशेष दिन पूजा करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है।उन्होंने कहा कि सत्रह मई से शनि देव का रेवती नक्षत्र में प्रवेश हो रहा है,जिससे संसार में उथल-पुथल होगी।विशेष पूजा-अर्चना कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी सचिन गुप्ता,समाजसेविका पूजा गुप्ता,व्यापारी नेता सौरभ भूषण शर्मा,पूजा वर्मा,अजय गुलाटी,अमित कुमार,मोनिका,रितु वर्मा,सुलक्षणा सेमवाल,इमरान देशभक्त आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे
