(अश्वनी उपाध्याय )
रुड़की। भारत विकास परिषद, उत्तराखंड पश्चिम प्रांत की ओर से मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को होटल मकाउ, सेंटर प्वाइंट रुड़की में “भारत को जानो अखिल भारतीय लिखित परीक्षा” को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में परिषद के
पदाधिकारियों ने आगामी 31 अगस्त को आयोजित होने वाली परीक्षा की तैयारियों और इसके उद्देश्यों की जानकारी दी।
प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. श्रीमती मनीषा सिंघल ने बताया कि भारत विकास परिषद लंबे समय से विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को भारतीय संस्कृति, सभ्यता, संस्कार और देश के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने का कार्य कर रही है। “भारत को जानो” पुस्तक के माध्यम से विद्यार्थियों को भारत की प्राचीन संस्कृति और समृद्ध विरासत की जानकारी दी जाती है।
उन्होंने कहा कि परिषद बच्चों को प्राचीन भारतीय मंदिरों और मठों की आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक विशेषताओं के साथ-साथ देश के महान महापुरुषों के जीवन और उनके योगदान से भी परिचित कराती है। विद्यार्थियों को यह जानकारी दी जाती है कि भारत प्राचीन काल में विश्व गुरु रहा है और उसे “सोने की चिड़िया” के नाम से भी जाना जाता था। भारत ऋषि-मुनियों की धरती है, जहां से ज्ञान की धारा पूरे विश्व में प्रवाहित हुई। परिषद का उद्देश्य बच्चों में देशभक्ति की भावना जागृत करने के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत और धरोहर पर गर्व की भावना विकसित करना है।
प्रांतीय महासचिव डॉ. संजय गर्ग ने बताया कि “भारत को जानो” पुस्तक में भारतीय संस्कृति, इतिहास, महापुरुषों, परंपराओं और गौरवशाली विरासत से जुड़े विभिन्न विषयों को समाहित किया गया है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भारत को जानो अखिल भारतीय लिखित परीक्षा का आयोजन पूरे देश में 31 अगस्त 2026 को किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता दो वर्गों में आयोजित होगी। जूनियर वर्ग में कक्षा 6 से 8 तथा सीनियर वर्ग में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी प्रतिभाग करेंगे।
लिखित परीक्षा के बाद प्रत्येक विद्यालय से सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले दो-दो विद्यार्थी अपने-अपने वर्ग में शाखा स्तर पर आयोजित मौखिक प्रश्न मंच में प्रतिभाग करेंगे। शाखा स्तर पर चयनित विद्यार्थी आगे प्रांत स्तर, क्षेत्र स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित मौखिक प्रश्न मंच प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे।
डॉ. संजय गर्ग ने बताया कि लिखित परीक्षा के प्रश्नपत्र परिषद द्वारा उपलब्ध कराए जाते हैं तथा विद्यार्थियों से उत्तर लिखवाने के लिए ओएमआर शीट का प्रयोग किया जाता है। इससे विद्यार्थियों को भविष्य में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में ओएमआर आधारित परीक्षाओं के लिए भी अनुभव प्राप्त होता है।
प्रांतीय संयोजक संस्कार डॉ. राजीव गोयल ने बताया कि गत वर्ष उत्तराखंड पश्चिम प्रांत में लगभग 22 हजार छात्र-छात्राओं ने भारत को जानो प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया था। इस वर्ष विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 30 हजार से अधिक होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी जड़ों, संस्कृति, इतिहास और देश की गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
प्रेस वार्ता में प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. श्रीमती मनीषा सिंघल, प्रांतीय महासचिव डॉ. संजय गर्ग, प्रांतीय संयोजक संस्कार डॉ. राजीव गोयल, प्रांतीय संगठन सचिव निखिल वर्मा, प्रांतीय संयोजक महिला सहभागिता एडवोकेट प्रीति अग्रवाल, पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र गुप्ता, योगेश सिंघल सहित भारत विकास परिषद के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
