IIT रूड़की, संस्कृत क्लब और संस्कृत भारती के संयुक्त सहकार से मैनेजमेंट स्टडीज IIT के सहयोग से संचालित 12 दिवसीय संस्कृत प्रशिक्षण शिविर में आज सतिथि वक्ता के रूप में विद्यार्थियों से वार्ता करने का अवसर मिला।


विकसित भारत दृष्टि 2047 तभी संभव है जब हम संस्कृत के उन्नयन का सुनियोजित लक्ष्य लेकर चलें। संस्कृत न केवल समस्त भाषाओं की जननी है बल्कि सभी मानवीय मूल्यों और संस्कारों की वाहक भी है। वर्ल्ड फोरम पर आज यह सर्वविदित सत्य है कि संस्कृत सबसे वैज्ञानिक भाषा है। वैश्विक विज्ञान के उदय की तमाम शाखाएं संस्कृत ग्रंथों से ही निकली हैं। यह संस्कृत ही है जो भारत की एकात्मकता को प्रतिष्ठित करती है।
भारत के अध्यात्म,योग संस्कृति और जीवन के आधारभूत तत्वों का खजाना संस्कृत में ही है। संस्कृत में राष्ट्रभाषा ही नहीं , वैश्विक भाषा होने की क्षमता है।
संस्कृत भारती के हजारों समर्पित कार्यकर्ता देश में अथक परिश्रम से संस्कृत के प्रचार प्रसार के ईश्वरीय कार्य में लगे हैं।
संस्कृत भारती जनपद रुड़की की अध्यक्ष डॉ भारती शर्मा जी ,सचिव श्रद्धा हिन्दू जी और पूरी टीम को इस संस्कृत ज्ञान यज्ञ के लिए हार्दिक बधाई!