रुड़की।
प्रेस क्लब रुड़की समिति कार्यालय पर पत्रकारिता दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान सभी पत्रकारों ने हिंदी पत्रकारिता के जनक जुगल किशोर शुक्ल को नमन किया और उनके योगदान को स्मरण किया
प्रेस क्लब भवन रुड़की पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए अध्यक्ष दीपक मिश्रा ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता केवल खबरों का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की आवाज़, लोकतंत्र की ताकत और जनमानस की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि आज से दो सो साल पहले पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने हिंदी भाषा में 30 मई 1826 में पहले हिन्दी समाचार पत्र “उदन्त मार्तण्ड ” प्रकाशित किया था। हिंदी पत्रकारिता में पंडित जुगल किशोर का अहम योगदान रहा। वहीं पूर्व अध्यक्ष बबलू सैनी ने कहा कि पत्रकारिता जोखिमभरा कार्य है, बदलते दौर में पत्रकारिता में भी बड़ा बदलाव आया, जहां मीडिया ने अलग अलग माध्यम खोजे, वही व्यापारिक दृष्टिकोण में भी मीडिया अछूती नहीं रही लेकिन मीडिया को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के साथ ही उसके सम्मान को बनाए रखना चाहिए। वहीं पूर्व अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है, लेकिन उनके मूल सिद्धांतों से लोग किनारा करते है, जो सही नहीं है। पत्रकारिता के सिद्धांत ओर उनके उद्देश्य के अपनाना भी बेहद जरूरी है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए महासचिव अश्वनी उपाध्याय ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता से जुड़े लोग उसके उद्देश्यों को समझते हुए अपनी पत्रकारिता करें, ताकि लोकतंत्र में चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया की विश्वसनीयता बनी रहे। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे और पत्रकारिता की महती भूमिका में अपना अपना योगदान देने के लिए कहा गया। बाद में सभी पंडित शुक्ल जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया गया। बाद में गीतकार नफीसुल हसन की ओर से पत्रकारिता दिवस पर एक गीत प्रस्तुत किया गया, जिसकी सभी ने प्रशंसा की। कार्यक्रम में अध्यक्ष दीपक मिश्रा, महासचिव अश्वनी उपाध्याय, उपाध्यक्ष रियाज कुरेशी, सचिव नितिन कुमार, कोषाध्यक्ष विनीत त्यागी, पूरे अध्य्क्ष दीपक शर्मा, बबलू सैनी, योगराज पाल, शशांक सिंघल, राहुल सक्सेना, संदीप पोहीवाल, सुनील पटेल, अभिषेक शर्मा, अमित सैनी, मिक्की जैदी, रवि सक्सेना, अनिल त्यागी, टीना शर्मा, अनिल सैनी, साजिद, राव सरवर, आदित्य चौधरी आदि बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
