(अश्वनी उपाध्याय) रुड़की में पेयजल संकट पर पार्षदों का जल संस्थान पर प्रदर्शन, 10 सूत्रीय मांगों का सौंपा ज्ञापन; AE बोले—एक-दो दिन में चालू होगा बंद पड़ा पंप
रुड़की। रामनगर क्षेत्र में लगातार बनी हुई पेयजल समस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जल संस्थान का रुख किया। रामनगर के पार्षद पंकज सतीजा, चंद्र प्रकाश माटा और वार्ड नंबर 30 के पार्षद चारु चंद्र ने जल संस्थान के सहायक अभियंता (एई) अरुण गुप्ता से उनके कार्यालय में मुलाकात कर क्षेत्र की पेयजल समस्याओं को लेकर 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
पार्षदों ने बताया कि रामनगर क्षेत्र में कई दिनों से पानी की आपूर्ति बाधित है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में पानी का प्रेशर भी बेहद कम है, जिससे लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
पार्षद पंकज सतीजा ने मांग की कि अन्य वार्डों की तरह रामनगर क्षेत्र में भी प्रतिदिन 10 घंटे नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा ट्यूबवेल और पेयजल पंपों के लिए बिजली कटौती की स्थिति में जनरेटर की व्यवस्था की जाए, ताकि पानी की सप्लाई बाधित न हो। उन्होंने यह भी कहा कि कई स्थानों पर गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है, इसलिए पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित की जाए। जहां-जहां पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाए। इसी प्रकार क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर कुल 10 मांगों का ज्ञापन जल संस्थान को सौंपा गया।
वहीं जल संस्थान के सहायक अभियंता अरुण गुप्ता ने मीडिया को बताया कि पार्षदों ने क्षेत्र की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि रामनगर क्षेत्र के पड़ाव में स्थित एक पुराना पेयजल पंप लंबे समय से खराब पड़ा था। विभाग में हाल ही में कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने इसकी जानकारी ली, जिसमें पता चला कि पंप से तकनीकी कारणों के चलते केमिकल निकलने की समस्या थी।
अरुण गुप्ता ने बताया कि अब इस समस्या का समाधान कर लिया गया है और पंप को एक-दो दिन के भीतर चालू कर दिया जाएगा। इसके चालू होने के बाद क्षेत्र की पेयजल समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि अधिकारियों को सुबह 6 बजे से नियमित पानी की सप्लाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं और यह व्यवस्था लागू भी कर दी गई है।
पार्षदों ने उम्मीद जताई कि जल संस्थान जल्द उनकी सभी मांगों पर कार्रवाई करेगा, जिससे रामनगर के लोगों को पेयजल संकट से राहत मिल सके।

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