मंगलौर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की छपार थाना पुलिस ने सोमवार को मंगलौर क्षेत्र में फर्जी डिग्री के आधार पर नर्सिंग होम संचालित करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी रुड़की–मंगलौर मार्ग पर बीझोली के पास हिमालय मेडिकेयर सेंटर के नाम से अस्पताल संचालित कर रहा था। इस कार्रवाई के बाद उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के पास से बीएएमएस (BAMS) की फर्जी डिग्री बरामद हुई है। इसी फर्जी डिग्री के आधार पर वह लंबे समय से अस्पताल चला रहा था। इतना ही नहीं, उसने अपने अस्पताल के बोर्ड पर खुद को “सर्जन” भी लिख रखा था और मरीजों का इलाज कर रहा था, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही थी।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का नेटवर्क केवल मंगलौर तक सीमित नहीं था। पुलिस को जानकारी मिली है कि वह मुजफ्फरनगर में भी इसी तरह का एक अस्पताल संचालित कर रहा था। अब पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
हैरानी की बात यह है कि उत्तराखंड की सीमा में लंबे समय से संचालित हो रहे इस अस्पताल की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं थी। पुलिस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच होती तो इस तरह के फर्जी अस्पताल का संचालन नहीं हो पाता।
फिलहाल मुजफ्फरनगर पुलिस आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में वैधानिक कार्रवाई कर रही है। साथ ही फर्जी डिग्री, अस्पताल के संचालन और उससे जुड़े अन्य दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है। जांच के आधार पर मामले में अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
नोट: यह समाचार आपके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। यदि पुलिस की एफआईआर, स्वास्थ्य विभाग का आधिकारिक बयान या आरोपी का नाम उपलब्ध हो, तो खबर को और अधिक प्रमाणिक एवं विस्तृत बनाया जा सकता है।

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