विशाल निरंकारी संत समागम का भव्य आयोजन
लाम मजाहिदपुर। रूडकी- 2 अक्टूबर, 2026:- संत निरंकारी मिशन के तत्वाधान मे आसफनगर के प्राथमिक विद्यालय मे एक विशाल निरंकारी संत समागम का आयोजन किया गया ।जिसमे नई टिहरी से बहन नीलम नेगी ज्ञान प्रचारिका ने सतगुरु का संदेश देते हुए कहा कि विविधताओं से सजे इस संसार में हमारे रूप, भाषाएँ और जीवन-शैलियाँ भले ही अलग हों, किंतु इन बाहरी भिन्नताओं के पीछे बसने वाली चेतना एक ही है। हम सभी इसी परमात्मा की संतान हैं, जिन्हें सतगुरु ने प्रेम के अदृश्य सूत्र में बाँधकर मानवता को एकता का संदेश दिया है। संत निरंकारी मिशन इसी भावना को *‘वसुधैव कुटुम्बकम’* -‘समस्त संसार एक परिवार’ के रूप में जीवन्त कर रहा है, जहाँ प्रेम केवल विचार नहीं, बल्कि जीवन जीने की शैली को दर्शाता है।
*रूडकी ब्रांच मुखी सागर कुकडेजा के जानकारी देते हुऐ बताया की *79वां वार्षिक निरंकारी संत समागम* परम श्रद्धेय सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज* एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन सान्निध्य में *23 से 26 अक्टूबर 2026* तक *संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल, समालखा*, हरियाणा में श्रद्धा और हर्षाेल्लास के साथ आयोजित किया जाएगा, जिसमें आत्मिक चेतना और मानव-एकता के संदेश को हृदय में संजोए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु भक्त सम्मिलित होंगे। सतगुरु के दिव्य दर्शन एवं पावन प्रवचनों से श्रद्धालु आत्मिक शांति प्राप्त करते हुए अपने जीवन में प्रेम, सेवा, करुणा और मानवता के भाव को अपनाने की प्रेरणा प्राप्त करेगे।
इस वर्ष संत समागम का शीर्षक *‘जागृति’* है, जो मनुष्य को बाहरी संसार से हटकर अपने भीतर झाँकने और अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानने की प्रेरणा देता है। सतगुरु माता जी ने भी कहा है कि जागरूक और चेतन होकर भक्त हर पल भक्ति में लीन रहते हैं। ‘जागृति’ का अर्थ किसी नई बात का अचानक बोध होना नहीं, बल्कि हर क्षण अपने भीतर सजग और सचेत रहना है। संसार में रहते हुए भी उसके प्रभाव से स्वयं को बचाये रखना और हर परिस्थिति में प्रभु-स्मरण से जुड़े रहना ही सच्ची ‘जागृति’ है।
