*
चमन लाल महाविद्यालय में ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन
लण्ढौरा l चमन लाल महाविद्यालय (स्वायत्त), के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना, लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय प्रबंध समिति के सचिव अरुण हरित ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण डॉ. किरण शर्मा, डॉ. देवपाल, डॉ. हिमांशु, डॉ. सूर्यकांत शर्मा तथा कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ. धर्मेंद्र कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका के विभिन्न आयामों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक समरसता, महिला सशक्तीकरण, पर्यावरण संरक्षण, लोकतांत्रिक सहभागिता, नैतिक मूल्यों तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं के योगदान पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से यह रेखांकित किया कि युवा शक्ति राष्ट्र की प्रगति, सामाजिक परिवर्तन और लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
प्रतियोगिता में बी.ए. तृतीय सेमेस्टर की मुस्कान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बी.ए. पंचम सेमेस्टर की ज्योति शर्मा द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि बी.कॉम. की छात्रा सभा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
समापन समारोह में महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष रामकुमार शर्मा ने विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा को ₹2,100, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा को ₹1,100 तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा को ₹500 की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त विजेताओं को मोमेंटो, मेडल एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले सभी विद्यार्थियों को भी प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जिससे उनके उत्साह, रचनात्मकता और सहभागिता को प्रोत्साहन मिल सके।
डॉ. किरण शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों का दायित्व केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक संवेदनशीलता और जिम्मेदार नागरिकता का विकास करना भी है। उन्होंने इस प्रकार की गतिविधियों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
डॉ. देवपाल ने सामाजिक सहभागिता और युवा नेतृत्व के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘मेरे सपनों का भारत’ जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को राष्ट्र के भविष्य के संबंध में गंभीरता से विचार करने तथा अपने विचारों को तार्किक, रचनात्मक और प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। युवाओं को अपने ज्ञान, कौशल, ऊर्जा और नवाचार का उपयोग सामाजिक समस्याओं के समाधान तथा देश के समावेशी विकास के लिए करना चाहिए। उन्होंने प्रतिभागियों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और लोकतांत्रिक चेतना को सुदृढ़ करती हैं।
