177 साल पुराने सोलानी जलसेतु पर आवागमन असुरक्षित, विभाग ने जनता से की अपील

रुड़की। उत्तराखंड गंगा नहर खंड से जुड़े सोलानी जलसेतु को लेकर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता तृतीय अर्जुन सिंह ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पुराना सोलानी जलसेतु लगभग 177 वर्ष पुराना हो चुका है और इसकी निर्धारित आयु पूर्व में ही पूरी हो चुकी है। ऐसे में इस जलसेतु पर आवागमन सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं है।
अर्जुन सिंह ने बताया कि पुराने सोलानी जलसेतु के स्थान पर लगभग 30 वर्ष पूर्व इसके बाईं ओर नया सोलानी जलसेतु बनाया जा चुका है, जिस पर वर्तमान में आवागमन सुचारू रूप से संचालित हो रहा है। विभाग की ओर से लोगों से लगातार अपील की जा रही है कि वे पुराने जलसेतु के बजाय नए जलसेतु का ही इस्तेमाल करें।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा स्थानीय जनता को भ्रमित कर पुराने सोलानी जलसेतु पर आवागमन जारी रखने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। विभाग का कहना है कि पुराने जलसेतु की रेलिंग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है और उसकी संरचना भी कमजोर हो चुकी है। ऐसी स्थिति में उस पर लोगों का आवागमन किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकता है।
सहायक अभियंता ने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुराने सोलानी जलसेतु से आवागमन बंद किया जाना आवश्यक है, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका को टाला जा सके। विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में न आएं और अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नए सोलानी जलसेतु से ही आवागमन करें।
विभाग ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि पुराने और कमजोर जलसेतु पर आवागमन करना स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है।